चतुर्वेद पारायण महायज्ञ में गूंजे वेद मंत्र, अल्का आर्या के भजनों ने बांधा श्रद्धा का समां
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

बंबावड़। सनातन धर्म के संरक्षण एवं वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से गांव बंबावड़ में आयोजित 26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ श्रद्धा और उत्साह के साथ निरंतर जारी है। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी ओमवीर आर्य एडवोकेट ने बताया कि प्रतिदिन वेद मंत्रों की पावन ध्वनि और संतों के प्रेरक प्रवचनों से पूरा वातावरण धर्ममय बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजनोपदेशिका अल्का आर्या ने अपने ओजस्वी एवं भक्तिमय भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनके भजनों ने उपस्थित जनसमूह में धर्म, राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पण का भाव जागृत किया।

प्रातःकालीन यज्ञ में महेंद्र सिंह आर्य के सुपुत्र सत्यानंद आर्य पत्नी के साथ यजमान बने, जबकि सायंकालीन यज्ञ में वैद्य रामचरण के सुपुत्र महेंद्र सिंह आर्य और पत्नी ने वैदिक विधि-विधान से आहुति देकर धर्म लाभ प्राप्त किया

महायज्ञ में स्वामी सत्यव्रत (अजमेर), स्वामी शिवानंद (दादरी), आचार्य रघुराज ब्रह्मा, दशरथ आचार्य, महेंद्र सिंह आर्य, शिव मुनि वानप्रस्थी, स्वामी पूर्णानंद, बलवीर सिंह आर्य, सतपाल सिंह आर्य, दिवाकर आर्य, वीरेंद्र शास्त्री, ब्रह्म सिंह मुकद्दम, भोपाल नागर, मास्टर किरपाल, नंबरदार ब्रह्मपाल आर्य, राहुल आर्य, शिशपाल नेता, चरण सिंह आर्य, चिंताराम सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञ, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से महायज्ञ में सहभागिता कर वैदिक संस्कृति के संरक्षण के इस महाअभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।









