आरक्षण और UGC के विरोध में दादरी की सड़कों पर उमड़ी सवर्ण समाज की भीड़, नारों से गूंजा शहर
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

कलेक्ट्रेट जाने से रोका तो पानी की टंकी पर चढ़े युवा अधिवक्ता, झंडे लहराकर लगाए ‘UGC रोल बैक’ के नारे; दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नीचे उतारा
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; आंदोलनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठाई मांग

ग्रेटर नोएडा। आरक्षण व्यवस्था और UGC से जुड़े मुद्दों के विरोध में बुधवार को दादरी की सड़कों पर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग उतरे। दादरी से सूरजपुर स्थित गौतमबुद्धनगर कलेक्ट्रेट तक प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन द्वारा आगे बढ़ने से रोकने के बाद प्रदर्शन ने नया मोड़ ले लिया। नाराज युवा अधिवक्ता दादरी तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और वहां झंडे लहराते हुए “UGC रोल बैक” के नारे लगाए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और आंदोलन में शामिल समाज के प्रबुद्ध लोगों की मध्यस्थता के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने में सफल हुए।

16 सितंबर 2026 को आयोजित आंदोलन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता पंडित पीतांबर शर्मा ने की। आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से दादरी क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क और बैठकें की जा रही थीं। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जीटी रोड स्थित सूरज फार्म हाउस, दादरी पर एकत्र हुए। यहां से आरक्षण व्यवस्था तथा UGC से जुड़े प्रावधानों के विरोध में पदयात्रा शुरू हुई।
पदयात्रा जैसे-जैसे दादरी की सड़कों पर आगे बढ़ी, सवर्ण समाज के लोग इससे जुड़ते चले गए। सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, अधिवक्ता और आम नागरिक हाथों में तिरंगा और भगवा झंडे लेकर मार्च में आगे बढ़े। इस दौरान “UGC रोल बैक” और “आरक्षण रिफॉर्म करो” के नारों से क्षेत्र गूंज उठा।
– युवा अधिवक्ताओं की बड़ी भागीदारी, कलेक्ट्रेट जाने से रोकने पर बढ़ा आक्रोश
आंदोलन में कपिल शर्मा एडवोकेट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों की योजना दादरी से पैदल चलते हुए सूरजपुर स्थित गौतमबुद्धनगर कलेक्ट्रेट पहुंचने की थी, लेकिन प्रशासन ने पदयात्रा को दादरी में ही रोक दिया। इससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने दादरी तहसील के पास जमकर नारेबाजी की।
इसी दौरान कपिल शर्मा के साथ आंदोलन में शामिल हुए आक्रोशित युवा अधिवक्ता प्रमोद शर्मा एडवोकेट, विवेक रावल एडवोकेट, सचिन शर्मा एडवोकेट, पुष्प शर्मा एडवोकेट, यश दीक्षित एडवोकेट का एक समूह तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवाओं ने टंकी के ऊपर से झंडे लहराते हुए “UGC रोल बैक”और आरक्षण रिफॉर्म करो के जमकर नारे लगाए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पुलिस और प्रशासन में हलचल तेज हो गई और अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। अधिकारी लगातार युवाओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाते रहे।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आंदोलन में मौजूद समाज के प्रबुद्ध लोगों की मदद से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने टंकी पर चढ़े सभी युवा अधिवक्ताओं को नीचे उतरने के लिए राजी किया।
– पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह को आंदोलनकारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान उनके साथ एडीसीपी और पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि उनका विरोध किसी जाति अथवा धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव तथा आर्थिक परिस्थितियों को अधिक महत्व दिए जाने की मांग उठाई।
कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा, “अभी यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा और सवर्ण समाज की मांगों को मजबूती से सरकार के सामने रखा जाएगा।”
पानी की टंकी पर चढ़े युवा अधिवक्ताओं के झंडे लहराने और नारेबाजी करने के वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब सामने आए। वहीं पदयात्रा में युवाओं और अधिवक्ताओं की बड़ी भागीदारी चर्चा का विषय रही। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन की आगे की रणनीति समाज के लोगों के साथ बैठक कर तय की जाएगी।
इस अवसर पर ललित राणा, पंडित रामदत्त शर्मा, रामदेव रावल, मास्टर परमानंद शर्मा, रामवीर शर्मा एडवोकेट, सतपाल बजरंगी, राकेश त्यागी, निधि शर्मा एडवोकेट, संजय शर्मा एडवोकेट, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, विवेक रावल, सुधीर वत्स, मास्टर रतनवीर, देवेंद्र त्यागी, परमानंद कौशिक, पुष्प शर्मा, जयप्रकाश शर्मा , ठाकुर ओमेंद्र सिंह, विनीत चौहान, राजकुमार शर्मा, सचिन शर्मा, दीपक शर्मा एडवोकेट, शिवकुमार पंडित, ज्ञान चंद, संदीप शर्मा, सोनू भगत, दिनेश शर्मा और बिन्नू राणा, राजेश दीक्षित, वेदपाल सिंह, संजय सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।









