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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पीड़ित किसानों का एक दिवसीय अनशन, शेष 4 प्रतिशत विकसित भूखंड देने की मांग दोहराई

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

ग्रेटर नोएडा, 20 जुलाई 2026। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आज पीड़ित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक एक दिवसीय अनशन किया। आंदोलन का प्रमुख मुद्दा वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री रामारमन के साथ हुए समझौते के अनुसार किसानों को 64.7 प्रतिशत बढ़ा हुआ मुआवजा तथा 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने के वादे को पूरा कराना रहा।
किसानों का कहना है कि उन्हें बढ़े हुए मुआवजे का लाभ तो प्राप्त हो गया, लेकिन 10 प्रतिशत विकसित भूखंड के अंतर्गत मिलने वाले भूखंडों में से शेष 4 प्रतिशत विकसित भूखंड आज तक आवंटित नहीं किए गए हैं। किसानों ने कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद उनकी यह जायज मांग लंबित है, जिससे प्रभावित किसान लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अनशन के दौरान किसानों ने एक स्वर में अपनी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग उठाई और कहा कि प्राधिकरण को वर्ष 2011 के समझौते का पूर्णतः पालन करना चाहिए।
शाम लगभग 5:00 बजे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री सुमित यादव धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि एक माह के भीतर उनकी मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद श्री सुमित यादव ने किसानों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
अनशन समाप्त करने के बाद किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर किसानों को उनका अधिकार और शेष 4 प्रतिशत विकसित भूखंड नहीं मिला, तो वे पुनः ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मांगों के पूर्ण समाधान तक निरंतर जारी रहेगा।
आंदोलन में बड़ी संख्या में वंचित किसानों, बुजुर्गों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने भागीदारी की। किसानों के अनुसार हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने आंदोलन को व्यापक समर्थन प्रदान किया। उपस्थित किसानों ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की अपील करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
प्रेषक:- शेष 4% वंचित किसान

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