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आरक्षण और UGC के विरोध में गौतमबुद्धनगर में बजा बिगुल, 16 सितंबर को दादरी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

सवर्ण समाज का दावा—हजारों बुजुर्ग और युवा होंगे शामिल; गांव-गांव, गली-गली चलेगा जनजागरण अभियान

कहा—लड़ाई किसी जाति, धर्म या राजनीतिक दल से नहीं; आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार पर लाभ देने की उठाई मांग

ग्रेटर नोएडा। आरक्षण व्यवस्था और UGC से जुड़े प्रावधानों के विरोध में अब गौतमबुद्धनगर के सवर्ण समाज ने भी आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सवर्ण समाज की कोर कमेटी ने 16 सितंबर को दादरी से सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट तक विशाल पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया। आयोजकों का दावा है कि इस मार्च में जिलेभर से हजारों बुजुर्ग, युवा एवं समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे।

कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 सितंबर को प्रातः 10 बजे दादरी से बैनर और झंडों के साथ पैदल मार्च शुरू होगा, जो सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। वहां आरक्षण व्यवस्था में सुधार तथा UGC से जुड़े विरोधित प्रावधानों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और कानून के दायरे में होगा। प्रस्तावित मार्च के संबंध में जिला प्रशासन एवं पुलिस के संबंधित अधिकारियों को पूर्व सूचना देकर सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं की मांग भी की जाएगी।

प्रेस वार्ता में आंदोलन की पृष्ठभूमि बताते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि इसकी शुरुआत 30 अगस्त को दादरी की गुर्जर कॉलोनी स्थित पूर्व प्रधानाचार्य रामदत्त शर्मा के आवास पर आयोजित बैठक से हुई थी। बैठक में निर्णय लिया गया था कि 2 सितंबर को परशुराम भवन में जिले के सवर्ण समाज की बड़ी बैठक बुलाकर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाए।

इसके बाद 2 सितंबर को आयोजित बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सर्वसम्मति से 16 सितंबर को दादरी से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। इसके लिए अब समाज के प्रतिनिधि गांव-गांव और गली-गली जाकर जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान चलाएंगे।

“हमारी लड़ाई किसी जाति या धर्म से नहीं” — पीताम्बर शर्मा

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि उनका आंदोलन किसी जाति, धर्म, समुदाय अथवा राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, “हम किसी जरूरतमंद और शोषित व्यक्ति को आरक्षण दिए जाने के विरोधी नहीं हैं। हमारी मांग है कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और सुधार हो तथा वास्तविक जरूरतमंद को उसकी आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर लाभ मिले।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने UGC से जुड़े विरोधित प्रावधानों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि 16 सितंबर को दादरी की धरती से बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।

“जरूरतमंद तक पहुंचे आरक्षण का वास्तविक लाभ” — रामदेव रावल

क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष रामदेव रावल ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य समाज के किसी वर्ग का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद विसंगतियों पर सवाल उठाना है। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण का लाभ कई मामलों में संबंधित वर्गों के आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित रह जाता है, जबकि वास्तविक गरीब और वंचित व्यक्ति पीछे रह जाता है।

उन्होंने कहा कि आरक्षण नीति की ऐसी समीक्षा होनी चाहिए जिससे वास्तविक जरूरतमंद को लाभ मिले और अवसरों की व्यवस्था अधिक न्यायसंगत बने। उन्होंने UGC से जुड़े विरोधित प्रावधानों पर भी आपत्ति जताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की।

“आंदोलन रोका गया तो गिरफ्तारी देंगे”

पत्रकारों के सवाल पर आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस को कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी जाएगी और कानून का पूर्ण पालन किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण पैदल मार्च को रोकने का प्रयास किया गया तो आंदोलनकारी हिंसा अथवा टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय जहां होंगे, वहीं शांतिपूर्वक गिरफ्तारी देंगे।

आयोजकों ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और असहमति दर्ज कराने का अधिकार देता है और उनका आंदोलन भी इसी लोकतांत्रिक भावना के तहत होगा।

प्रेस वार्ता में रामदत्त शर्मा, ठाकुर सतपाल बजरंगी, मास्टर परमानंद शर्मा, बीनू राणा, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, मास्टर रामकुमार शर्मा, मास्टर विनीत चौहान, पंडित विक्रम शर्मा, ओमेंद्र शिशोदिया, जयप्रकाश शर्मा और किशन शर्मा सहित सवर्ण समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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