26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञ की महत्ता पर हुआ विस्तृत व्याख्यान
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

बंबावड़। ग्राम बंबावड़ में आयोजित 26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक वातावरण के बीच हवन, प्रवचन और वेद मंत्रों की पावन ध्वनि से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी ओमवीर सिंह आर्य ने बताया कि दूसरे दिन के यज्ञ एवं हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति तथा समाज में सुख-शांति की कामना की।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्वामी सत्यव्रत जी (अजमेर) एवं आचार्य रघुराज जी ने अपने प्रेरणादायी व्याख्यान में यज्ञ की उपयोगिता, वैदिक संस्कृति के संरक्षण तथा मानव जीवन में यज्ञ के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण शुद्धि, मानसिक शांति और लोककल्याण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से वैदिक परंपराओं को अपनाने और समाज में संस्कारों के प्रसार का आह्वान किया।
द्वितीय दिवस के यज्ञ में प्रशांत आर्य सपत्नी मुख्य यजमान रहे, जबकि प्रातःकालीन यज्ञ में डॉ. देवेंद्र ने यजमान के रूप में वैदिक विधि-विधान से आहुति अर्पित की।
महायज्ञ में विभिन्न क्षेत्रों से आर्य समाज के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। आर्य समाज सूरजपुर, आर्य समाज कोंडली (नोएडा), आर्य समाज निजामपुर (हापुड़) तथा आर्य समाज गालंद की टीमों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
महायज्ञ में प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल वैदिक अनुष्ठान, प्रवचन तथा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें क्षेत्र के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म, संस्कृति और वैदिक ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।







