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चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के पांचवें दिन वैदिक मंत्रों से गुंजा बंबावड़, अरुण आर्य बने यज्ञमान

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

बंबावड़। कार्यक्रम के मिडिया प्रभारी ओमवीर आर्य ऐडवोकेट ने बताया कि सनातन धर्म के संरक्षण और वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित 26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ बम्बावड के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ अनुष्ठान संपन्न हुआ। पहले सत्र में श्री भूदेव आर्य के बड़े पुत्र अरुण आर्य सपत्नी यज्ञमान बने और वैदिक रीति-रिवाज से आहुति अर्पित कर धर्म, राष्ट्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
महायज्ञ में यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य रघुराज जी (कानपुर) के सान्निध्य में वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। उन्होंने यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि वैदिक यज्ञ मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सद्भाव का संचार करता है। उन्होंने बताया कि पूरे महायज्ञ के दौरान वे ब्रह्मा के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इस अवसर पर स्वामी सत्यव्रत जी (अजमेर) सहित गुरुकुल मंझावली और कानपुर से आए वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रों का सस्वर पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में गौतम आर्य, इंद्राज शास्त्री, वेदपाल आर्य, दिवाकर आर्य, सतवीर आर्य, चरण सिंह आर्य, दयानंद आर्य, बाबूराम आर्य, श्रीनिवास आर्य, मास्टर ज्ञानेंद्र सिंह आर्य, सतेंद्र आर्य, मुकेश आर्य, महेंद्र सिंह आर्य, सत्यानंद आर्य, स्वामी शिवानंद जी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बच्चों ने भाग लिया।
महायज्ञ में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता क्षेत्र में सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था का परिचायक बन रही है।

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