थाना बिसरख पुलिस द्वारा जीएसटी के अधिकारी बनकर जीएसटी कंसलटेन्ट वादी को दो फर्मों/कम्पनीयों का नाम लेकर फर्जी ई-वे बिल सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके, वादी से 29 लाख रुपये जमा कराने/हडपने वाले गिरोह के 05 अपराधी गिरफ्तार, कब्जे से शत प्रतिशत बरामदगी करते हुए 24 लाख 50 हजार रुपये नकद तथा 4 लाख 50 हजार रुपये से सोने की चैन, चांदी का कड़ा एंव अगूंठी बरामद (कुल बरामदगी 29 लाख रूपये) ।
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

घटना का संक्षिप्त विवरण-
दिनांक-20.07.2026 को जीएसटी कंसलटेन्ट वादी अपनी आवासीय सोसायटी से उतरकर अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले उसी समय एस एस्पायर सोसायटी के पास कार सवार व्यक्तियों द्वारा वादी की गाडी के आगे अपनी गाडी लगाकर जीएसटी अधिकारी बनकर

वादी की गाडी में बैठ गये, वादी को दो फर्मों/कम्पनीयों का नाम बताकर उनका फर्जी ई-वे बिल/सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके उसके एवज में वादी से 29 लाख रुपये नकद वसूल लिये। इस घटना के सम्बन्ध में वादी की तहरीर पर थाना बिसरख पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
कार्यवाही का विवरण
थाना बिसरख पुलिस द्वारा सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों व लोकल इन्टेलीजेन्स के माध्यम से घटना का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्तगण कशिश चौहान उर्फ ईशू आदि 05 नफर अभियुक्तगण को जलपुरा रोड स्कॉन मंदिर से गिरफ्तार किये गये, जिनके कब्जे से वादी से वसूले गये रूपयों में से 24 लाख 50 हजार रुपये नकद तथा 4 लाख 50 हजार रुपये से सोने की चैन,

चांदी का कडा एंव अगूंठी कुल शत प्रतिशत बरामदगी 29 लाख रुपये सुनिश्चित की गयी है। इसके अतिरिक्त अभियुक्तगणों के पास से 07 मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनियों के, एक जोडी पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी व एक जोडी दिल्ली पुलिस सिविल डिफेन्स वर्दी व घटना में प्रयुक्त दो कार बरामद की गयी है।
घटना के अनावरण के दौरान विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच के दौरान प्रकाश में आया कि वादी के जीएसटी कंसलटेन्ट के रूप में कार्य करने के दौरान जीएसटी से सम्बन्धित बिलों में फर्जी कार्य करने पर जीएसटी विभाग द्वारा निर्गत नोटिस को निस्तारित कराने के उपक्रम में वादी प्रश्नगत घटना में मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान से वर्ष 2021 से सम्पर्क में आया था। घटना दिनांक 20.07.2026 को जब वादी अपने घर से कार से निकले थे, उस समय घटना का मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान वादी की कार में बैठ गया था। इससे प्रकाश में आया कि वादी संदीप और मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान आपस में पूर्व से परिचित थे।
*अपराध का तरीका/पूछताछ का विवरण -*
अभियुक्तगण से पूछताछ की गयी तो मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान द्वारा बताया गया कि मैं तथा मेरे साथी हम एक दूसरे को लगभग कई वर्षों से जानते है। मुझे वर्ष 2021 में ज्ञात हुआ था कि वादी जीएसटी के अभिलेखों/बिलों में हेरफेर करके मोटा मुनाफा कमाते हैं। वादी की इस कमी का फायदा उठाने के लिए हम लोगों ने मोटा पैसा हडपने की योजना बनाई और प्लान के मुताबिक हम लोगों ने लगातर वादी की हर गतिविधि की रेकी की। दिनांक 20.07.2026 को हमने वादी की कार ग्रान्ड विटारा को एस एस्पायर सोसायटी के पास रोक कर मेरे साथी द्वारा अपने को जीएसटी अधिकारी बता कर उसकी गाड़ी में बैठ गया। हम सब भी वहां से चल दिये। हमने वादी के कुत्ते को एक्सप्रेस-वे पर अपने साथी विवेक को बुलाकर सपुर्द कर दिया था। उ0नि0 की वर्दी पहने कशिश उर्फ ईशू चौहान द्वारा गाडी को चलाया गया और वादी को पिछली वाली सीट पर चांद के साथ बैठाया गया। राजेश कुमार आगे वाली सीट पर था। प्लान के मुताबिक हमने वादी को जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल किया और जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी, जिस पर वादी तैयार हो गया और वादी के फोन से पैसा मंगवाया। हम लोग वादी को उसकी ही गाडी में इधर उधर घुमाते रहे, जब वादी का भाई 29 लाख रुपये कैश लेकर आया तब हमने वादी को उसकी गाडी सहित छोड दिया और अपनी गाडी बुलाकर उस गाडी से चले गये थे।
उल्लेखनीय है कि उक्त घटना में शामिल कोई भी अभियुक्त पुलिस कर्मी नहीं है। जॉच के दौरान ज्ञात हुआ है कि घटना में शामिल 01 मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ इशू चौहान यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है, अभियुक्त राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुडा हुआ है, विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर बल्लभगढ में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत रहा है, अंकित ग्राम सलारपुर में लोहे की ग्रिल/गेट बनाने का काम करता है एवं घटना में प्रयुक्त वाहन एक्सएल-6 का स्वामी है, जो मूलरूप से देवरिया का रहने वाला है, अंशुल दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करता है, जो मूलरूप से जनपद एटा का रहने वाला है। अभियुक्तगण के अपराधिक इतिहास के सम्बन्ध में छानबीन की जा रही है।









