पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने हेतु पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर एवं जिला प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारियाँ की गयी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

इसी क्रम में डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्री रवि शंकर निम के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा मार्ग का विस्तृत सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन तैयार किया गया है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद की ओर से जीटी रोड दादरी होते हुए गुजरने वाले कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सभी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया गया है तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त सादा वर्दी में पुलिसकर्मी भी लगातार भ्रमणशील रहेंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके। संपूर्ण कांवड़ मार्ग पर आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाएगी तथा कंट्रोल रूम से प्रत्येक गतिविधि पर सतत नजर रखी जाएगी।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वय से सड़क सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। कांवड़ मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त सड़कों का सुधार, स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता, साफ-सफाई तथा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान तेज़ी से संचालित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित एवं सुचारु बना रहे।
इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल तथा सुरक्षा चौकियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा आमजन एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराया जाए।









