जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवायोजक/कारखाना प्रबंधन की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर 11 अप्रैल, 2026
जनपद में औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यालय सेक्टर-27 नोएडा के सभागार में सेवायोजकों/कारखाना प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संवाद के माध्यम से श्रमिकों के हित में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्गत गाइडलाइंस को प्रत्येक कंपनी के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए, जिससे श्रमिकों में किसी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी ने शासन की गाइडलाइन के संबंध में स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाएगा तथा उसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएगा और यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दुगनी दर से किया जाएगा। सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। साथ ही शिकायत पेटी की स्थापना कर श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा तथा सभी को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

आंदोलन में सम्मिलित किसी भी श्रमिक या प्रतिनिधि के विरुद्ध कोई उत्पीड़नात्मक अथवा सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित या लागू की जाने वाली वेतन वृद्धि को प्रभावी तिथि से ही सभी श्रमिकों को प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने समस्त सेवायोजकों एवं कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि उपरोक्त सहमत बिंदुओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनपद में औद्योगिक शांति एवं समन्वय बना रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं, जो श्रमिक कार्य नहीं करना चाहते हैं, उनसे कारखाना प्रबंधन द्वारा सौहार्दपूर्ण वार्ता कर शासन की गाइडलाइन के अनुरूप उन्हें समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी कारखानों के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे श्रमिकों की सुविधा के लिए क्रियाशील अवस्था में रखे जाएं तथा किसी भी श्रमिकों को असुविधा की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अंत में, जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे अनुशासन एवं शांति बनाए रखते हुए अपने-अपने कार्यस्थलों पर कार्य करें, भ्रामक सूचनाओं एवं अफवाहों से दूर रहें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील भूमिका निभाएगा, जिससे जनपद में औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होती रहें।









