आपदा मित्रों एवं होमगार्ड (आपदा मित्र) का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, लगभग 200 प्रतिभागियों को दिया गया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर 04 नवंबर, 2026
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के मार्गदर्शन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के अंतर्गत आपदा मित्रों एवं होमगार्ड (आपदा मित्र) के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी कार्यालय, गौतमबुद्धनगर में समापन हुआ। कार्यक्रम में लगभग 100 आपदा मित्रों एवं 100 होमगार्ड (आपदा मित्र) सहित कुल लगभग 200 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, चिकित्सा विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव कार्य, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार तथा घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही, राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि किसी भी आपदा के दौरान प्रारंभिक समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रशिक्षित आपदा मित्र एवं होमगार्ड (आपदा मित्र) तत्काल सहायता पहुंचाने, प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी तत्परता एवं सूझबूझ से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रतिभागियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण में उनकी भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने कहा कि आपदा के शुरुआती समय में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में प्रशिक्षित आपदा मित्र एवं होमगार्ड स्थानीय स्तर पर प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए जरूरतमंदों तक समय से सहायता पहुंचाने और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं।









