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एनटीपीसी प्रभावित किसानों ने बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, 25 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

कोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों को नहीं मिला 115 वर्ग गज का बढ़ा हुआ मुआवजा, अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का लिया निर्णय

दादरी (गौतम बुद्ध नगर)। एनटीपीसी दादरी परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपने लंबित एवं न्यायालय के आदेशानुसार बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर आज एनटीपीसी गेट पर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निकट एनटीपीसी के डीजीएम श्री कर्नेल सिंह एवं

जारचा थाना प्रभारी श्री कैलाश नाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से आंदोलन और अधिकारियों से वार्ता करने के बावजूद आज तक उन्हें न्यायालय के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया गया है।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभावित किसान मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि एनटीपीसी परियोजना से प्रभावित किसान वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बावजूद किसानों को 115 वर्ग गज के हिसाब से मिलने वाला बढ़ा हुआ मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने प्रभावित किसानों को न्यायालय के आधार पर 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने का काम किया है, तो एनटीपीसी प्रभावित किसानों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने 31 अक्टूबर 2022 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन अपने अधिकारों की मांग कर रहे किसानों पर जिला प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज और पानी की बौछार की गई तथा गंभीर मुकदमे दर्ज कर किसानों को जेल भेजा गया। इसके बावजूद किसानों ने अपने हक की लड़ाई नहीं छोड़ी है

अब संगठन और प्रभावित किसान एक बार फिर निर्णायक आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 25 नवंबर 2026 से एनटीपीसी गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

किसान नेता सुरेंद्र राणा बिसाहड़ा ने कहा कि अब किसान अपने बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई बच्चों को साथ लेकर लड़ेंगे। यह लड़ाई केवल मुआवजे की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।

अजब सिंह भाटी बढ़पुरा ने कहा कि अब किसानों की कोई नई मांग नहीं है। किसान केवल अपना बकाया एवं न्यायालय के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा चाहते हैं। एनटीपीसी प्रबंधन को किसानों की जायज मांग का जल्द समाधान करना चाहिए, अन्यथा 25 नवंबर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

हिमांशु राणा ने कहा कि हम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी को साक्षी मानकर किसानों के सम्मान और अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेंगे और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।

कपिल जाटव ने कहा कि प्रभावित किसानों को न तो उचित रोजगार मिला और न ही न्यायालय के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा। किसानों के साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है। अबकी बार किसान अपना हक लेकर ही रहेंगे।

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश प्रभारी विक्रांत भाटी, पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण भड़ाना, जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया, प्रदेश अध्यक्ष (अल्पसंख्यक मोर्चा) समीर प्रधान एवं युवा जिलाध्यक्ष आयुष शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि भारतीय किसान यूनियन मंच प्रभावित किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। किसानों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संगठन पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेगा। किसी भी परिस्थिति में किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

इस अवसर पर पेमी भाटी, सोरन कैलाशपुर, धूम सिंह रूपवास, विजय नंबरदार,सुखपाल किसान नेता, विकास रूपवास, शिवकुमार बढ़पुरा, भूपेंद्र मुखिया, राहुल नरौली, रितिक चौना, टेकचंद शर्मा, मनदीप राघव, बलवीर प्रधान, अब्दुल हसन, उमैद खान सन्दीप भाटी,सोनू भाटी,हितेश गौतम,सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

भारतीय किसान यूनियन मंच ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनका न्यायोचित हक मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और 25 नवंबर 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना किसानों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई साबित होगा।

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