न्यू नोएडा: खदेड़ा मिल्क गांव में प्राधिकरण की चौपाल में किसानों ने जताया विरोध, टीम बैरंग लौटी
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

ग्रेटर नोएडा/दनकौर:* न्यू नोएडा प्राधिकरण के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर आजखदेड़ा मिल्क गांव में आयोजित चौपाल में जमकर विरोध देखने को मिला। प्राधिकरण के ओएसडी, नायब तहसीलदार और लेखपाल की टीम किसानों को अधिग्रहण के फायदे समझाने पहुंची थी, लेकिन किसानों की कड़ी आपत्तियों के बाद टीम को *बैरंग लौटना पड़ा।
प्राधिकरण की टीम ने खदेड़ा मिल्क गांव में चौपाल लगाकर किसानों को बताया कि न्यू नोएडा के विकसित होने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी, बेहतर सड़कें, बिजली-पानी, रोजगार के नए अवसर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारियों ने अधिग्रहण नीति और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
लेकिन खदेड़ा मिल्क के किसानों ने अधिकारियों की बातों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे जमीन नहीं देंगे। किसानों की मुख्य तीन मांगें हैं – एक करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवजा, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड और गांव के चारों तरफ 300 मीटर तक आबादी का दायरा यथावत छोड़ा जाए। गांव के चारों तरफ पेरीफेरल रोड 60 मीटर चौड़ा बनाया जाए
किसानों का तर्क था कि आबादी की जमीन अधिग्रहण में जाने से गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसको लेकर चौपाल में काफी देर तक बहस चली, जिसके बाद सहमति न बनने पर प्राधिकरण की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
किसानों की तरफ से ऐलान किया गया है कि अगले रविवार को खदेड़ा मिल्क गांव में ही एक बड़ी महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें न्यू नोएडा से प्रभावित सभी गांवों के किसान शामिल होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
इस मौके पर डॉ. नवीन, नकुल तेवतिया, रविंद्र प्रधान, भोपाल सिंह प्रधान, रवि प्रधान कपिल प्रधान, एडवोकेट ऋषि टाइगर सुधीर तेवतिया सुंदर प्रधान नईबस्ती समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।









