सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं, राजकुमार भाटी के खिलाफ वेद नागर ने दादरी थाने में दी शिकायत
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

दादरी। गौ रक्षा हिन्दू दल के संस्थापक अध्यक्ष वेद नागर ने आज थाना दादरी, जनपद गौतमबुद्ध नगर में राजकुमार भाटी के खिलाफ सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं एवं धार्मिक मान्यताओं का सार्वजनिक रूप से अपमान किए जाने के संबंध में शिकायत दी और इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वेद नागर ने कहा कि मैं स्वयं एक सनातनी हूं। हमारा गुर्जर समाज भगवान शिव की उपासना करने वाला तथा भगवान विष्णु और भगवान श्रीराम की परंपरा में आस्था रखने वाला सनातनी समाज है। हमारे पूर्वजों ने सनातन धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं। चक्रवर्ती सम्राट मिहिर भोज, वीरांगना रामप्यारी गुर्जरी, गुजरी माता और राव उमराव भाटी जैसे अनेक ऐतिहासिक व्यक्तित्व हमारे गौरवशाली इतिहास, शौर्य और परंपराओं के प्रतीक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे गौरवशाली इतिहास वाले गुर्जर समाज में जन्म लेने के बावजूद राजकुमार भाटी द्वारा दिल्ली के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण तथा सनातन धर्म की मान्यताओं के निषेध से संबंधित प्रतिज्ञाएं दोहराना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनके इस कृत्य से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
वेद नागर ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपने ही धर्म, आराध्य देवी-देवताओं और सनातन परंपराओं का सार्वजनिक रूप से अपमान करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। यह केवल गुर्जर समाज की भावनाओं का विषय नहीं है, बल्कि समस्त सनातन समाज की आस्था और धार्मिक सम्मान से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि हमारा गुर्जर समाज किसी एक राजनीतिक व्यक्ति की पहचान से नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास, सनातन संस्कारों, राष्ट्रभक्ति और पूर्वजों के बलिदानों से पहचाना जाता है। गुर्जर समाज ऐसे किसी व्यक्ति को अपना आदर्श नहीं मान सकता, जो राजनीतिक लाभ के लिए सनातन धर्म की मान्यताओं के विरुद्ध सार्वजनिक मंच से प्रतिज्ञाएं दोहराए। किसी भी राजनीतिक दल द्वारा ऐसे आचरण का समर्थन करना अथवा ऐसे व्यक्ति को आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना सनातन समाज की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
वेद नागर ने कहा कि यदि किसी अन्य धर्म के आराध्यों और धार्मिक मान्यताओं के संबंध में इसी प्रकार की बातें सार्वजनिक मंच से कही जातीं, तो व्यापक विरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी और देश का माहौल भी खराब हो सकता था। सनातन धर्म के अनुयायियों की सहनशीलता को उनकी आस्था, आराध्य देवी-देवताओं और धार्मिक परंपराओं के अपमान की स्वीकृति नहीं समझा जाना चाहिए। हमारी सहनशीलता हमारी संस्कृति और संस्कारों का परिचय है, कमजोरी का नहीं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अपने धर्म, देवी-देवताओं और गौरवशाली परंपराओं के सम्मान के लिए सदैव आवाज उठाते रहेंगे। इसी संबंध में थाना दादरी में शिकायत देकर मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।वेद नागर ने कहा कि राजकुमार भाटी को समस्त सनातन समाज और पूरे गुर्जर समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है और किसी भी राजनीतिक स्वार्थ को समाज की धार्मिक भावनाओं से ऊपर नहीं रखा जा सकता।









