आज दिनांक ९ अक्टूबर दिन शुक्रवार को श्री अग्रसैन आदर्श इंटर कॉलेज प्रांगण में लवकुश धार्मिक रामलीला कमैटी के तत्वाधान में चल रही
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

रामलीला में सर्व प्रथम देव ऋषि नारद तपस्या में लीन रहते है जिससे देवराज इंद्र का सिंहासन हिल जाता है देवराज इंद्र देवलोक की अप्सरा मेनका ,रंभा आदि को नारद की तपस्या भंग करने के लिए भेजते है लेकिन असफल रहती है ,देवराज इंद्र कामदेव को भेजते है कामदेव भी हर मानते है और नारद जी कामदेव को जीत लेते है देवऋषि नारद श्री नगर में शीलनिधि राजा की पुत्री विश्वमोहिनी की हाथ की रेखा देखकर सोचते है

कि इस कन्या का विवाह जिससे होगा वो तीनो लोकों का स्वामी होगा ,भगवान श्री हरि से उनका रूप माँगते है (जेही विधि होहि नाथ हित मोरा ।करहु सो वेग दास में तोरा ।)श्री हरि बंदर का रूप नारद जी को देते है ।नारद जी का उपहास सभा के बीच होता है नारद जी भगवान विष्णु को शाप देते है कि जिस तरह में पत्नी के वियोग में रो रह हूँ उसी तरह मनुष्य रूप में आप भी नारी के वियोग में भटकोगे ।भगवान के द्वारपाल जय और विजय नारद जी के शाप से रावण व कुंभकर्ण हुए

,रावण कुंभकर्ण व विभीषण जी ने शिव की तपस्या की भगवान शिव ने प्रसन्न होकर तीनों को वरदान दिया ।
रावण के अत्याचारों से पृथ्वी व्यथित हुई और भगवान से करुण पुकार करने लगी ,प्रभु अवतार लो ,अवतार लो ,अवतार लो ,रावण – वेदवती का प्रसंग बहुत सुंदर दर्शाया गया ,रावण को दिव्य चंद्रहास की प्राप्ति हुई और लीला को विश्राम दिया गया ,इस अवसर पर कमैटी के अध्यक्ष पवन बंसल ,

महामंत्री केशव गोयल ,अंकित अग्रवाल ,अजय गर्ग ,वेदन शर्मा ,राजीव गर्ग ,यजमान गण क्रमश -श्री राकेश भाटी जी ,श्री सुभाष शर्मा जी शर्मा फ्लेक्स ,श्री किशन हलवाई ,देवेंद्र मित्तल ,लीलू गर्ग ,रिशु गोयल एवं कमैटी के सभी पदाधिकारी व सदस्य गण मौजूद रहे ।इति ।









