गांधी जयंती पर सवर्ण स्वाभिमान मंच का अनोखा आंदोलन; राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ मौन उपवास, राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

• UGC RollBack के साथ आरक्षण एवं SC/ST Act में कानूनी संशोधन की उठाई मांग
• आरक्षण को जाति के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग
• अधिवक्ता, पत्रकार, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता समेत सभी जाति-धर्मों के प्रबुद्ध लोग हुए शामिल
• तीन घंटे बाद ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ खोला मौन उपवास

ग्रेटर नोएडा। “मौन हैं… मगर जिंदा हैं!” के संदेश के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शुक्रवार को सवर्ण स्वाभिमान मंच, गौतमबुद्धनगर के तत्वावधान में जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में अनोखे तरीके से आंदोलन किया गया। UGC RollBack तथा आरक्षण एवं SC/ST Act में कानूनी संशोधन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग DM कार्यालय के सामने “मौन उपवास” पर बैठे। कार्यक्रम के बाद मंच की ओर से राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।

सुबह 9 बजे से ही सवर्ण स्वाभिमान मंच के आह्वान पर लोग सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। प्रातः 10 बजे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और इसके बाद सैकड़ों लोग मौन धारण कर उपवास पर बैठ गए। आंदोलन में अधिवक्ता, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर समेत विभिन्न जाति और धर्मों के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया।
उपवास स्थल पर तिरंगे के साथ “UGC RollBack” तथा आरक्षण एवं SC/ST Act में कानूनी संशोधन की मांग से संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियां लगाई गई थीं। करीब तीन घंटे तक चले मौन उपवास के बाद आंदोलनकारियों ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ मौन उपवास खोला।
‘मौन की शक्ति से सरकार तक पहुंचाई अपनी बात’ — कपिल शर्मा
इस अवसर पर सवर्ण स्वाभिमान मंच के संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को शांति का संदेश दिया था। गांधी जी का मानना था कि मौन में भी बड़ी शक्ति होती है। उनके इसी संदेश का अनुसरण करते हुए सवर्ण स्वाभिमान मंच ने गांधी जयंती पर “मौन उपवास” रखकर सरकार के सामने UGC RollBack तथा आरक्षण एवं SC/ST Act की संवैधानिक समीक्षा कर कानूनी संशोधन किए जाने की मांग रखी है।
उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर अवश्य विचार करेगी।”
‘हमारी लड़ाई किसी जाति, धर्म या संप्रदाय के खिलाफ नहीं’
कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि मंच की लड़ाई किसी जाति, धर्म अथवा संप्रदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज में समानता की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि समाज को जातियों में बांटने के बजाय जातिगत दीवारों को तोड़कर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि “गरीबी जाति देखकर नहीं आती। गरीब और जरूरतमंद हर जाति में हैं, इसलिए हमारा मानना है कि आरक्षण का अधिकार आर्थिक आधार पर होना चाहिए।”
SC/ST Act को लेकर उन्होंने कहा कि मंच का मानना है कि देशभर में इस कानून के दुरुपयोग के मामले सामने आते रहे हैं और कुछ लोगों ने इसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। इसलिए मंच इसमें कानूनी संशोधन की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और संरक्षण देना होना चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन
मौन उपवास के बाद सवर्ण स्वाभिमान मंच की ओर से अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC RollBack की मांग को प्रमुखता से रखते हुए आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर किए जाने तथा SC/ST Act की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी संशोधन किए जाने की मांग रखी गई।
आंदोलनकारियों ने कहा कि शुक्रवार का पूरा कार्यक्रम गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और UGC RollBack होने तक जिले में अभियान जारी रहेगा।
ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस अवसर पर प्रमोद शर्मा एडवोकेट, सुधीर वत्स, पंडित कृपाराम शर्मा, मनोज गोयल, संजय शर्मा एडवोकेट, भानु प्रकाश शर्मा, गौरव शर्मा, विवेक रावल, राजेश रावत, अंकुश शर्मा एडवोकेट, राजू पंडित, सोनू भगत, सचिन शर्मा, सतेंद्र शर्मा एडवोकेट, शिवम लोधी राजपूत, रामदत्त शर्मा, सतपाल सिंह, ठाकुर सुरेन्द्र तोमर, मनीष अत्री, निधि शर्मा एडवोकेट, अनूप सिंह शिशोदिया, मोहित गुप्ता, रतनवीर शर्मा, अमरेंद्र ठाकुर, शिवओम शर्मा धूम आदि लोग उपस्थित रहे।









