पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में Special Need बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु “OPERATION INVICTUS / ऑपरेशन अपराजेय” के अंतर्गत दिनांक 12.06.2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर-108 स्थित ऑडिटोरियम में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

कार्यशाला के दौरान पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्हें Special Need बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, कर्तव्यपरायणता एवं सेवा भाव के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन अपराजेय” का उद्देश्य ऐसे बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ एवं सतत सहयोग प्रणाली विकसित करना है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी अवगत कराया कि “ऑपरेशन अपराजेय” की शुरुआत कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से की गई है, तथा यह पहल भविष्य में अन्य स्थानों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है।

कार्यशाला में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान समय में कई परिवारों में माता-पिता के कार्यरत होने के कारण बच्चों की देखभाल हेतु केयर टेकर की व्यवस्था की जाती है। किंतु कुछ मामलों में केयर टेकर द्वारा अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन न किए जाने अथवा संवेदनशील बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं, जो अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक हैं। इसी दृष्टिगत इस पहल के माध्यम से ऐसे बच्चों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए पुलिस की सक्रिय एवं सहयोगात्मक भूमिका सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।

पुलिस कमिश्नर द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से ऐसे परिवारों एवं बच्चों की पहचान की जाए जहाँ Special Need बच्चे निवास करते हैं, तथा उनकी सुरक्षा एवं देखभाल हेतु एक नियमित एवं प्रभावी संपर्क व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही केयर टेकर के सत्यापन के दौरान उनके आचरण, मानसिक स्थिति एवं दायित्व निर्वहन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का आकलन किया जाए, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त ऐसे सभी मामलों का एक सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने एवं संबंधित पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यशाला में यह भी बल दिया गया कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को Special Need बच्चों की मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक आवश्यकताओं को समझते हुए उनके अनुरूप संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना होगा। इसके लिए विशेषज्ञों के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

कार्यशाला के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी से प्रो. (डॉ.) जयंती पुजारी, डीन, फैकल्टी ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज एवं निदेशक, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज (AIRS); डॉ. अनुसूया के. यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, AIRS एवं असिस्टेंट डीएसडब्ल्यू; तथा डॉ. राम शंकर सक्सेना, एसोसिएट प्रोफेसर, AIRS उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त AIRS की फैकल्टी सदस्य सुश्री तान्या बत्रा, सुश्री अरीबा शाहब, सुश्री स्नेहा डबराल एवं सुश्री कंचन नागर भी कार्यशाला में उपस्थित रहीं। उनके द्वारा विभिन्न विषयगत सत्रों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को Special Need बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, व्यवहारिक आवश्यकताओं तथा संवेदनशील पुलिसिंग से संबंधित विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र एवं पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा श्रीमती सुनीति भी उपस्थित रहीं। उनके द्वारा भी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया गया।









