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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति व शासी निकाय की बैठक संपन्न

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर, 29 मई 2026

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों तथा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत कराया गया। इसमें ओपीडी मरीजों की स्थिति, भर्ती मरीजों की संख्या, संस्थागत प्रसव, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, जननी सुरक्षा योजना तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति शामिल रही।

बैठक की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जेवर के चिकित्सा अधीक्षक के अनुपस्थित पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओपीडी सेवाओं में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कम संस्थागत प्रसव हुए हैं वहां संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो स्टाफ नर्स अनुपस्थित (एब्सकॉनड) हैं, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन प्रसव केंद्रों पर स्टाफ नर्स उपलब्ध नहीं है अथवा अवकाश पर हैं, वहां सप्ताह में एक या दो दिन अतिरिक्त स्टाफ नर्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि प्रसव कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके तथा मानव संसाधन की कमी के संबंध में शासन को पत्र प्रेषित किया जाए।
ई-संजीवनी टेलीकंसल्टेशन की समीक्षा के दौरान 50 से कम कंसल्टेशन करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए। इसके साथ ही यूनिसेफ के मंडलीय एवं जनपदीय कोऑर्डिनेटर से वीएबी बच्चों की लाइन लिस्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भुगतान शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी माह से भुगतान शत-प्रतिशत नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
HBNC एवं HBYC मॉनिटरिंग विजिट की समीक्षा के दौरान पाया गया कि नोडल अधिकारी RCH, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन), स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी दादरी एवं दनकौर तथा ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर दादरी एवं जेवर द्वारा कोई विजिट नहीं की गई। इसी प्रकार यूपी हेल्थ डैशबोर्ड की रैंकिंग की समीक्षा में जिन इंडिकेटर्स की रैंकिंग 60 या उससे अधिक पाई गई उनमें सुधार करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। नगरिय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्फाबाद के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद की स्वास्थ्य रैंकिंग में सुधार हेतु लगातार प्रयास किए जाएं। सभी ब्लॉकों में नियमित रूप से डेटा वैलिडेशन बैठकें आयोजित की जाएं तथा पोर्टल पर समयबद्ध एवं शुद्ध डेटा अपलोड किया जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और स्वास्थ्य इकाइयों में साफ-सफाई की व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए।
बैठक का संचालन डीपीएम मंजीत कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी आर. के. सिरोहा, नोडल अधिकारी RCH/DTO डॉ. आर. पी. सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी शुभ्रा मित्तल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजीव सारस्वत, डिप्टी सीएमओ डॉ. उबेद कुरैशी, डीएमओ श्रुति कीर्ति वर्मा, समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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