सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का किया गया निरीक्षण
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर 12 मई, 2026
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर शिवानी रावत द्वारा आज जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया तथा बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जेलर संजय साही एवं उप जेलर सुरजीत सिंह उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान जेलर संजय साही द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में 2479 बंदी निरुद्ध हैं। निरीक्षण के दौरान किशोर बैरक का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया तथा वहां निरुद्ध किशोर बंदियों से उनके मुकदमों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। बंदियों के मुकदमों से संबंधित कार्ड का अवलोकन करते हुए उपलब्ध अधिवक्ताओं एवं कानूनी सहायता व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
किशोर बंदियों द्वारा बताया गया कि सभी को निजी अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं। इस दौरान जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि बंदियों के मुकदमों से संबंधित कार्ड पर उनके अधिवक्ताओं के नाम स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं। साथ ही किशोर बैरक में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

इसके उपरांत जिला कारागार में स्थापित विधिक सहायता केन्द्र पर बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों को उनके अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं मुकदमों में पैरवी हेतु अधिवक्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई, शिविर में उपस्थित किशोर बंदियों ने बताया कि सभी के पास अधिवक्ता उपलब्ध हैं।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बंदी को समय से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जिला कारागार में कोई भी बंदी अधिवक्ता की सुविधा से वंचित न रहे।
इसके अतिरिक्त जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में स्थापित विधिक सहायता केन्द्र में कार्यरत बंदी पीएलवी द्वारा अन्य बंदियों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता संबंधी कार्यों की समीक्षा भी की गई। पीएलवी द्वारा संधारित रजिस्टर एवं अभिलेखों के उचित रखरखाव एवं अद्यतन व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।









