गौतम बुद्ध नगर, 27 अक्टूबर 2026। कुमारी मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गौतम बुद्ध नगर के शिक्षक शिक्षा विभाग में पाठ्यसहगामी अनिवार्य गतिविधि पर आधारित पाँच दिवसीय कार्यशाला का समापन छात्राओं द्वारा
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

निर्मित कलाकृतियों की भव्य प्रदर्शनी के साथ हुआ। कला एवं सौंदर्य समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना, उनके कलात्मक कौशल का विकास करना तथा उन्हें विभिन्न कला-विधाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनीता रानी राठौर के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में कार्यशाला का सफल समापन किया गया। पाँच दिनों तक चली इस कार्यशाला में छात्राओं ने विभिन्न कलात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया।

प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा निर्मित पिपली कला, वॉल हैंगिंग, जूट बैग पेंटिंग, कठपुतली निर्माण एवं ग्लास पेंटिंग सहित विविध कलाकृतियाँ* प्रदर्शित की गईं। इन कलाकृतियों में छात्राओं की कल्पनाशीलता, कलात्मक अभिव्यक्ति और हस्तकौशल की सुंदर झलक देखने कोमिली।

कार्यशाला की प्रशिक्षिका श्रीमती शुचि टंडन तथा समूह के प्रतिनिधि श्री राकेश अग्रवाल , एएमएमडी एवं श्री राकेश शर्मा सीएमडीआई पिडीलाइट समूह की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन सराहनीय रहा। उनके सहयोग से छात्राओं को विभिन्न कला-तकनीकों को सीखने, उनमें दक्षता प्राप्त करने तथा अपनी कल्पनाओं को साकार रूप देने का अवसर मिला।

प्रदर्शनी के अवसर पर महाविद्यालय की प्रोफेसर ममता सागर, प्रोफेसर दीप्ति वाजपेयी, प्रोफेसर रश्मि कुमारी, प्रोफेसर परवेज शमीम, प्रोफेसर शिवानी वर्मा, डॉ नेहा त्रिपाठी डॉ नीलम शर्मा डॉ नीतू सिंह डॉ श्वेता सिंह तथा डॉ. दीप्ति कमल कश्यप सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं द्वारा निर्मित कलाकृतियों का अवलोकन किया, उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की तथा उनका उत्साहवर्धन किया।
कला एवं सौंदर्य समिति के अंतर्गत कार्यशाला का संचालन प्रभारी डॉ. रमाकांति के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सोनिया यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्राचार्य महोदया, प्रशिक्षिका, पिडिलाइट समूह के प्रतिनिधियों, उपस्थित प्राध्यापकों तथा छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पाँच दिवसीय कार्यशाला छात्राओं के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति, कौशल-विकास और व्यावहारिक अधिगम का एक महत्त्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुई। प्रदर्शनी ने छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षा में कला के व्यावहारिक एवं शैक्षिक महत्त्व को भी रेखांकित किया। इस प्रकार, कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ और कार्यक्रम अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में सफल रहा।









