मा० राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना का अधिकार अधिनियम के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर, 18 जुलाई, 2026
उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के मा० राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने शनिवार को जनपद गौतमबुद्धनगर के भ्रमण के दौरान गौतमबुद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) के गेस्ट हाउस में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा पुलिस विभाग के जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने सहभागिता की।

बैठक में मा० राज्य सूचना आयुक्त ने उपरोक्त तीनों विभागों में लंबित सूचना आवेदन पत्रों, उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में विचाराधीन द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को इनके समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निस्तारण के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनपद गौतमबुद्धनगर के कुल 220 प्रकरण लंबित हैं। इस पर उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी प्रकरण निर्धारित समयावधि से अधिक समय तक लंबित न रहे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अधिनियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा नागरिकों को समयबद्ध एवं तथ्यपरक सूचना उपलब्ध कराना अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी समझें।
उन्होंने जन सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदकों को स्पष्ट, पूर्ण एवं तथ्यपरक सूचना उपलब्ध कराई जाए तथा अनावश्यक विलंब से बचा जाए। प्रथम अपीलीय अधिकारी अपीलों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे आयोग में लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आए और आमजन को समय पर सूचना प्राप्त हो सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सूचना आयोग में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए तथा ऐसे प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने आरटीआई से संबंधित अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार तथा सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक हितैषी बनाने पर भी बल दिया।
मा० राज्य सूचना आयुक्त ने निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यालय कक्ष के बाहर जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य है। जिन कार्यालयों में यह व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है, वहां इसे तत्काल सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आमजन को सूचना संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागों की वेबसाइट पर उनके विभागों में चल रहे कार्यों का विवरण नियमित रूप से अपडेट रखा जाए। साथ ही अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रारूप-3 के अनुसार रजिस्टर का नियमित रूप से संधारण (मेंटेन) किया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
मा० राज्य सूचना आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी जन सूचना अधिकारी को किसी अन्य विभाग से संबंधित आरटीआई आवेदन प्राप्त होता है तो वह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुरूप उसे पांच दिवस के भीतर संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी को हस्तांतरित करना सुनिश्चित करें, ताकि आवेदक को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का गहन अध्ययन करें तथा अधिनियम के सभी प्रावधानों की समुचित जानकारी रखें। बैठक के दौरान उन्होंने स्वयं भी अधिकारियों को अधिनियम की विभिन्न धाराओं, प्रक्रियाओं एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
बैठक के दौरान उप जिला अधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, डीसीपी मुख्यालय शव्या गोयल, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, तहसीलदार सदर पूजा चौधरी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट अरविंद शर्मा तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।









