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आज दिनांक १८ अक्टूबर दिन रविवार को लवकुश धार्मिक रामलीला कमैटी के तत्वाधान में श्री अग्रसैन आदर्श इंटर कॉलेज प्रांगण में चल रही

सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

रामलीला में सर्वप्रथम लंका दहन के बाद रावण के भाई विभीषण रावण को समझाने ले लिए राज्य सभा में जाते है और कहते है भैया आप प्रभु श्री राम से वैर मत करो वो साक्षात श्री विष्णु जी का अवतार श्री हरि ही राम रूप में है लेकिन अहंकारी रावण अपने भाई विभीषण जी को लात मारकर लंका से निकाल देता है

विभीषण जी श्री राम की शरण में पहुंचते है जहाँ श्री राम ने लंकेश कहकर संबोधन किया ।श्री राम वानर भालुओ की सैना के साथ समुंदर तट पर पहुँचे वहाँ श्री राम ने समुन्द्र से विनती की कि आप हमे लंका जाने के लिए मार्ग दो तीन दिन तक विनती करने के बाद भी समुन्द्र ने रास्ता नहीं दिया तो (विनय न मानत जलद जड़ गए

तीन दिन बीत ।बोले राम सकोच तव भय विनु होय न प्रीत )श्री राम अपने धनुष पर वाण चढ़ाते है समुन्द्र प्रकट होकर छमा माँगते हुए कहता है कि आपकी सेना में नल नील नाम के दो वानर है जिन्हें वरदान मिला हुआ है

कि जिस पत्थर को हाथ लगाएँगे वो डूबेगा नहीं अपितु तैरेगा ।नलनील व वानर सेना के सहयोग से समुन्द्र पर पुल निर्माण हुआ ।व श्री राम ने रामेश्वरम की स्थापना की जो कलिकाल में भी दक्षिण भारत में रामेश्वरम के नाम से ज्यातिर्लिंग विराजमान है ।उसके बाद अंगद जी को रावण के दरवार में दूत बनाकर भेजा जहाँ अंगद व रावण का बहुत सुंदर मंचन किया गया ।आज के यजमानों श्री राकेश गोयल जी ,मनवीर भाटी जी, विनोद कुमार जी ,सचिन गर्ग विकास गर्ग ,सुनील शर्मा जी द्वारा पूजन किया गया ।

एसी अवसर पर कमैटी के अध्यक्ष पवन बंसल ,महामंत्री केशव गोयल ,अंकित अग्रवाल ,संदीप सिंघल ,भूपेन्द्र मंगल ,वेदन शर्मा ,चन्द्रभान वशिष्ठ जी ,पुनीत गर्ग ,राजीव गर्ग ,संजय शर्मा डॉ दीपक शर्मा,अमित राव जी ,टीका राम शर्मा ,भीम सिंह ,दीपक गर्ग आदि मौजूद रहे

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