साल 2026 में शनि का भले ही कोई गोचर नहीं है लेकिन उनके नक्षत्र और चाल में महत्वपूर्ण बदलाव होगा।आर्थिक संकट गबन, असंतोष गृह युद्ध आदि से संबंधित समस्या वृध्दि हरसंभव है
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के द्वितीय पद में गोचर करेंगे। इसके बाद 20 अगस्त को इसी नक्षत्र के प्रथम पद में आ जाएंगे। 9 अक्टूबर को शनि उत्तर भाद्रपद के चतुर्थ पद में आकर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेंगे। जुलाई में कुछ समय के लिए शनि की चाल में भी बदलाव होगा। 26 जुलाई 2026 को शनि वक्री होंगे और 138 दिन बाद 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे। ज्योतिष में शनि की वक्री चाल का मतलब उलटी और मार्गी का अर्थ सीधी से माना जाता है। शनि का साल 2026 में नक्षत्र गोचर भी होगा। आपसे यह अनुरोध होगा आप अगस्त माह 10 से 09 अक्टूबर 2026 तक हवाई मार्ग जल मार्ग यात्राओ से स्वंय परिवार सहित जाने बचे बचाए चूंकि शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में आ जाएंगे। इस तरह से 2026 के शेष महीनों 20 नवंबर में शनि की चाल और नक्षत्र में कई परिवर्तन देखने को मिलेंगे। कहीं कहीं पूर्वोत्तर क्षेत्र पश्चिम बंगाल और सिक्किम लद्दाख, पर प्राकृतिक असंतुलन, पाक अधिकृत कश्मीर पर युद्ध, भूकंप ग्रस्त जन,धन, सेना की करोडो की हानि कारक प्रभाव हमे झेलने के लिए विवश देखे जायेगे। भगवान शिव आशीर्वाद बनाए रखे। मेरी प्रार्थना है। आप भी पूजा पाठ आदि कर सब सुखी आप भी सुखी रहे। कुंजबिहारी.वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक









