ग्रेटर नोएडा सेक्टर बीटा वन ऑफिसर्स कॉलोनी के पास मे कूड़े का अंबार, फिर भी अधिकारियों की आंखें बंद: बीटा-1 बना बीमारियों का अड्डा
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर बेहाल, एक्टिव सिटीज़न टीम सदस्य एवं RWA महासचिव हरेन्द्र भाटी बोले- “घरों में बैठे अफसरों को मजदूर का दर्द नहीं दिखता”
ग्रेटर नोएडा।
गौतम बुध नगर
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तमाम बड़े अधिकारी जिस ऑफिसर्स कॉलोनी, बीटा-1* में रहते हैं, उसी के गेट पर आज गंदगी का अंबार लगा है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते पूरे बीटा-1 सेक्टर में जगह-जगह कूड़े के ढेर, दुर्गंध और मच्छरों ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।

सवाल ये है: जब प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम जी और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल जी के घर के पास ये हाल है, तो आम जनता के सेक्टरों का क्या हाल होगा? क्या AC कमरों में बैठे अधिकारियों को सड़कों पर बजबजाता कूड़ा नहीं दिखता?
पिछले 3 दिनों से ऑफिसर्स कॉलोनी सहित पूरे बीटा-1 में सफाई ठप है। बारिश के कारण कूड़े से उठती सड़ांध और जलभराव ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का खतरा कई गुना बढ़ा दिया है। बच्चे-बुजुर्ग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। RWA सिर्फ जागरूकता फैला रही है, लेकिन सफाई कौन करेगा?

एक्टिव सिटीज़न टीम के हरेंद्र भाटी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा: “दफ्तरों और कोठियों में बैठे अफसरों ठेकेदारों को मजदूर का दर्द क्या पता? हड़ताल क्यों हुई, कर्मचारियों की समस्या क्या है – ये सुनने वाला कोई नहीं है। जब ऑफिसर्स कॉलोनी की ये दुर्दशा है तो दूर-दराज के गांवों का भगवान ही मालिक है। प्राधिकरण के अधिकारी अगर जनसमस्याओं को सुनकर निवारण नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ दें।”
*जनता की मांग:*
1. सफाई कर्मियों की हड़ताल का तुरंत समाधान हो।
2. बीटा-1 सहित पूरे शहर में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चले।
3. लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
यदि 48 घंटे में हालात नहीं सुधरे तो एक्टिव सिटीज़न टीम शहर के हर सेक्टर की बदहाली की तस्वीरें सार्वजनिक करेगी। प्रशासन की नाकामी को अब छुपने नहीं देंगे।









