कोहरे में सुरक्षित यात्रा हेतु जिला प्रशासन की अपील, एआरटीओ ने जारी की विस्तृत सावधानियां
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

गौतमबुद्धनगर 16 दिसंबर, 2025
जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम के निर्देशों के क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डा उदित नारायण पांडेय ने शीत ऋतु में कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा को लेकर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सावधानियां जारी की हैं। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में कोहरा एक गंभीर समस्या बन जाता है, जिससे दृश्यता अत्यंत कम हो जाती है और सडक दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ जाती है। ऐसे में यदि वाहन चालक कुछ सरल और आवश्यक सावधानियों का पालन करें तो दुर्घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने अपील की कि यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो कोहरे में यात्रा से बचें, क्योंकि समय भले ही महत्वपूर्ण हो, परंतु जीवन अनमोल है। यदि कोहरे में यात्रा करना अनिवार्य हो तो वाहन को धीमी गति से चलाएं और पूर्ण सतर्कता बरतें। वाहन चलाते समय एसी का प्रयोग न करें, बल्कि हल्का हीटर चलाकर उसकी हवा विंडस्क्रीन की ओर रखें, जिससे कांच पर वाष्प न जमे। यदि वाहन में डिफागर की सुविधा उपलब्ध हो तो उसे हल्के गर्म तापमान पर चालू रखें।

उन्होंने बताया कि वाहन की खिडकी का शीशा हल्का सा खुला रखें, ताकि अतिरिक्त वाष्प बाहर निकलती रहे और उचित वेंटिलेशन बना रहे। इससे सडक पर चल रहे अन्य वाहनों की ध्वनि भी सुनाई देती रहती है। वाहन के कांच को हाथ से साफ करने का प्रयास न करें, बल्कि सदैव साफ और सूखे सूती कपडे या माइक्रोफाइबर कपडे का ही उपयोग करें। हेडलाइट को लो बीम पर रखें तथा यदि दिन में भी कोहरा हो तो हेडलाइट जलाकर ही वाहन चलाएं।
कोहरे के समय अपने वाहन की हैजार्ड लाइट चालू रखें, जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहन सतर्क हो सकें। यात्रा के दौरान स्टीरियो या एफ एम बंद रखें और सडक पर चल रहे अन्य वाहनों की आवाज सुनने का प्रयास करें। अपनी लोकेशन जानने के लिए नेविगेशन एप जैसे गूगल मैप आदि की सहायता लें। आगे और पीछे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा आवश्यकता पडने पर ब्रेक धीरे से लगाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोहरे में ओवरटेक न करें और सडक के बीच खराब खडे अथवा सडक किनारे पार्क किए गए वाहनों से विशेष सावधानी बरतें। कोहरे के कारण अक्सर दृष्टि भ्रम की स्थिति बन जाती है, इसलिए दो लेन की सडक पर गति धीमी रखते हुए सडक के बाएं किनारे के सहारे चलें और सडक के बीच वाहन कदापि न चलाएं। फोर लेन अथवा शहरी क्षेत्रों में जहां डिवाइडर हों, वहां डिवाइडर के सहारे वाहन चलाना अधिक सुरक्षित रहता है।
सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने निजी वाहनों के पीछे लाल रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप लगाने की भी अपील की। साथ ही बताया कि मोटर वाहन कानून के अंतर्गत व्यवसायिक वाहनों में आगे की ओर सफेद तथा पीछे की ओर लाल रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से इन निर्देशों का पालन कर स्वयं और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।









