Blog

दुजाना में विराट हिन्दू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन 51 कुण्डीय महायज्ञ, संतवाणी और ऋषिकुलम् की कन्याओं के अद्भुत प्रदर्शन ने बाँधा समां

सुंदरलाल शर्मा गौतम बुध नगर

दुजाना स्थित ऐतिहासिक दादी सत्ती धाम परिसर (SGSM इंटर कॉलेज, एनटीपीसी खंड) में 12 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार को आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन भव्यता, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम सिद्ध हुआ। प्रातः 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 51 कुण्डीय महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की उन्नति की कामना की। भगवा ध्वजों और प्रेरक संदेशों से सुसज्जित परिसर पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

सम्मेलन की अध्यक्षता योगनिष्ठ स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने की। उन्होंने गुरुकुल परंपरा, वैदिक शिक्षा और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति पर बल देते हुए कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था विश्व में आदर्श रही है। उन्होंने अधिकाधिक गुरुकुल स्थापित करने और नई पीढ़ी को संस्कारित शिक्षा देने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता हिंदू जागरण मंच, पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक मंत्री श्री गोपाल जी ने संगठन, समरसता और सामाजिक जागरण पर बल देते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
विशेष आमंत्रित संत डॉ. स्वामी गुणाक्षानन्द (डॉ. गुड्डू जी महाराज), श्री संकटमोचन बालाजी धाम, अम्बाला छावनी ने धर्म रक्षा, सेवा और सदाचार का संदेश दिया तथा युवाओं को संस्कारित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन का विशेष आकर्षण रहा ऋषिकुलम् (वैदिक कन्या गुरुकुल शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान) की कन्याओं का अद्भुत प्रदर्शन। कन्याओं ने मंत्रोच्चारण से यज्ञ को दिव्यता प्रदान की तथा बिना देखे वस्तुओं की पहचान और पाठ करने की कला का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
सुशील जी, राजकुमार जी, हरेंद्र नागर, जितेंद्र नागर, ओमवीर आर्य एडवोकेट, दीपक नागर, मा. रविन्द्र शर्मा, ईश्वर भाटी, जितू भाटी, वीरेश आर्य, बिजेंद्र भाटी, सुरेश नागर, मुकेश नागर एडवोकेट, कमल आर्य, संजीव नागर, कपिल जी, इलमचंद नागर, बलराज भाटी, मोनू भगत, यशबीर भगत, कर्मवीर आर्य एडवोकेट, विनय आर्य, पवन नागर, ईश्वर शर्मा, अजीत, किरणपाल नागर, मनोज भाटी एडवोकेट, चंकी नागर एडवोकेट, रमेश बंसल, सत्या नागर, अजय आर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक।
सम्मेलन का सफल संचालन डॉ. अजीत नागर ने किया। अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दुजाना में आयोजित यह विराट हिन्दू सम्मेलन धार्मिक जागरण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायी प्रतीक बनकर क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छाप छोड़ गया।

Related Articles

Back to top button