थाना सूरजपुर पुलिस व सर्विलांस टीम सेन्ट्रल नोएडा द्वारा नकली सोने के आभूषणों को असली बताकर धोखाधड़ी करने वाला वांछित फर्जी सुनार गिरफ्तार, कब्जे से स्वर्ण-चांदी के नकली आभूषण, सिक्का (भारतीय मुद्रा चांदी जैसी), नकली मूर्तियां, एक इलेक्ट्रॉनिक टैग प्रिंटर मशीन व नगद रूपये बरामद। श्रीमान पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल नोएडा महोदय द्वारा पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25,000 रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की गयी है
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर
दिनांक 27.09.2025 को थाना सूरजपुर पुलिस द्वारा लोकल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना की सहायता से पीली धातु के आभूषणों को असली बताकर धोखाधड़ी करने वाला फर्जी सुनार पंकज कपूर पुत्र बलदेव राजकपूर को साया अपार्टमेंट इन्द्रापुरम, गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से स्वर्ण-चांदी के नकली आभूषण, सिक्का (भारतीय मुद्रा चांदी जैसी), नकली मूर्तियां, एक इलेक्ट्रॉनिक टैग प्रिंटर मशीन व 50,500 रूपये नगद बरामद हुए है। अभियुक्त थाना सूरजपुर के मु0अ0सं0 560/2025 धारा 316(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/317(2) बीएनएस व मु0अ0सं0 561/2025 धारा 316(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/317(2) बीएनएस में वांछित चल रहा था।
*अपराध का तरीका-*
अभियुक्त पंकज कपूर द्वारा थाना सूरजपुर क्षेत्र के अंतर्गत कम कीमत में शुद्ध सोने के गहनों का झांसा देकर लोगों को नकली धातु से बने आभूषण बेचे जा रहे थे। इसी क्रम में अभियुक्त पंकज द्वारा पैरामाउण्ट अपार्टमेंट में अपनी ज्वैलर्स शॉप पर बहुत से ग्राहकों को फर्जी व मनगढ़त तरीकें से बेवकूफ बनाया गया था। जिसे लोग, स्वर्णकार समझकर अपने जेवर आदि भी गिरवी रखने लगे थे। इसी क्रम में मार्च के महीने में पीड़ित सौरभ द्वारा अभियुक्त के पास अपनी गले की चैन(पीली धातु) गिरवी रखकर 1,30,000 रूपये नगद ले लिये थे। सौरभ द्वारा एक लाख रूपये वापस कर दिये गये व 30,000 रूपये शेष थे, जिस पर अभियुक्त को लालच आ गया और सौरभ से सम्पर्क बंद कर दिया। अभियुक्त द्वारा अप्रैल माह 2025 में दिवाकर नाम के व्यक्ति को पीली धातु के चार नकली बिस्किट वजनी क्रमशः 50, 30, 30, 35 ग्राम तथा पीली धातु का नकली सोने का एक हार को 15 लाख रूपये में बेचा गया था, जोकि स्वर्ण धातु के नही थे। अभियुक्त, लोगो को नकली स्वर्ण धातु एवं चांदी धातु के बने आभूषण, सिल्वर धातु से निर्मित मूर्तियाँ को बेचकर अपनी शॉप बंद करके लगभग 01 वर्ष पूर्व फरार हो गया था। अभियुक्त पुनः थाना सेक्टर-142 क्षेत्र में ज्वेलर्स शॉप खोलकर लोगो के साथ धोखाधड़ी करने लगा था, जिसके विषय में थाना सेक्टर-142 पर अभियोग पंजीकृत है।
*अपराध करने का तरीका-*
1-अभियुक्त द्वारा कबूल किया गया कि वह पिछले कई सालो से यह धोखाधड़ी कर नकली आभूषणो व अन्य सामान को असली बताकर लगातार बेचता आ रहा था।
2-नकली आभूषणों को स्थानीय बाज़ार से उन पर शुद्धता की झूठी मुहर लगाता था।
3-कई ग्राहकों को असली कहकर नकली गहने बेच दिए थे, जिसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
4-आरोपी के पास कोई वैध लाइसेंस अथवा जीएसटी पंजीकरण नहीं पाया गया।
5-अभियुक्त ना ही स्वर्णकार है और नही स्वर्ण आभूषणो का व्यवसाय करता है। अभियुक्त लोगो को ठगने के लिए नकली आभूषण एवं दुर्लभ मूर्तियो के नाम पर नकली धातु (पीली, सफेद धातु) की मूर्तियाँ जेवर आदि लोगो को देकर मोटा धन वसूल करता था।
6-अभियुक्त थाना इन्द्रापुरम कमिश्नरेट गाजियाबाद में पंजीकृत मु0अ0सं0 798/2025 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट में भी वांछित चल रहा है।









