दहेज मुक्त विवाह की मिसाल: भाजपा नेता ने बेटे की शादी में शगुन के रूप में स्वीकार किया मात्र 1 रुपया
सुंदरलाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

ग्रेटर नोएडा। आज के दौर में जहां शादियां दिखावे और भारी-भरकम दहेज का पर्याय बनती जा रही हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा के साकीपुर गांव से समाज को नई दिशा दिखाने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र भाटी ने अपने पुत्र अनिकेत भाटी के विवाह में दहेज जैसी कुरीति को त्यागकर एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। अनिकेत का विवाह दिल्ली के बिहारीपुर निवासी प्रवीण की सुपुत्री निखिता के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘दहेज मुक्त’ होना रही। जितेंद्र भाटी ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा पर कड़ा प्रहार करते हुए लगन और सगाई के दौरान उपहारों के बजाय मात्र 1 रुपये का प्रतीकात्मक टीका स्वीकार किया। इतना ही नहीं, विदाई के समय भी कन्या पक्ष से कोई कीमती वस्तु या नकदी लेने के बजाय केवल 1 रुपये का कन्यादान स्वीकार कर इस रिश्ते को सादगी और सम्मान की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इसकें अलावा शादी में फिजूलखर्ची रोकने के उद्देश्य से बारात में डीजे और शोर-शराबे को भी दूर रखा गया। सादगी के साथ निकली इस बारात ने यह संदेश दिया कि विवाह दो परिवारों का मिलन है, न कि प्रदर्शन का माध्यम। इस पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है। जितेंद्र भाटी का यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो विवाह को आर्थिक बोझ बना देते हैं। इस विवाह ने साबित कर दिया कि यदि समाज के जिम्मेदार लोग पहल करें, तो दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।









