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थाना बिसरख पुलिस द्वारा फर्जी तरीके से ECHS कार्ड का उपयोग कर इलाज कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 04 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, व्हाट्सएप के माध्यम से प्रयोग किया गया ECHS कार्ड व आधार कार्ड बरामद

सुंदरलाल शर्मा गौतम बुध नगर

 

घटना का संक्षिप्त विवरण-
अभियुक्तगण 1. शिखा सिंह पुत्री स्व. सुरेन्द्र सिंह, 2. यश सिंह पुत्र स्व. सुरेन्द्र सिंह, 3. जितेन्द्र यादव पुत्र बिजेन्द्र सिंह यादव एवं 4. दानिश खान पुत्र यामीन द्वारा वादी की पुत्री के ECHS कार्ड एवं आधार कार्ड का फर्जी तरीके से उपयोग करते हुए तनु पुत्री स्व. सुरेन्द्र सिंह का अस्पताल में इलाज कराया गया।

इस कृत्य के माध्यम से उपचार में व्यय होने वाली लगभग ₹6,50,000/- की धनराशि का अवैध लाभ प्राप्त किया गया। उपचार के दौरान तनु की मृत्यु हो जाने पर अभियुक्तों द्वारा वादी की जीवित पुत्री के नाम से ही फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर प्रस्तुत कर दिया गया।

*कार्यवाही का विवरण-*
दिनांक 17.03.2026 को थाना बिसरख पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए फर्जी तरीके से ECHS कार्ड का उपयोग कर इलाज कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 04 अभियुक्त (महिला/पुरुष) 1. शिखा सिंह पुत्री स्व. सुरेन्द्र सिंह, 2. यश सिंह पुत्र स्व. सुरेन्द्र सिंह, 3. जितेन्द्र यादव पुत्र बिजेन्द्र सिंह यादव एवं 4. दानिश खान पुत्र यामीन को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, व्हाट्सएप के माध्यम से प्रयोग किया गया वादी की पुत्री का ECHS कार्ड व आधार कार्ड बरामद किया गया है।

*पूछताछ का संक्षिप्त विवरण-*
अभियुक्ता शिखा सिंह द्वारा बताया गया कि उसकी सगी बहन तनु लंबे समय से बीमार थी तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा था। उसकी परिचित जो स्वास्थ्य विभाग, बुलंदशहर में कार्यरत है, के द्वारा दानिश खान का संपर्क करा दिया गया, जिसने कम खर्च में इलाज कराने का आश्वासन दिया। दानिश के कहने पर अभियुक्ता एवं उसके भाई यश सिंह ने तनु को “वादी की पुत्री” के नाम से दिनांक 29.07.2025 को अस्पताल में भर्ती कराया। इसके लिए दानिश द्वारा व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी ECHS कार्ड एवं आधार कार्ड का उपयोग किया गया। उपचार के दौरान दिनांक 05.08.2025 को तनु की मृत्यु हो गई, जिसके उपरांत शव भी उसी फर्जी नाम से प्राप्त किया गया। इस कार्य के एवज में दानिश खान को लगभग ₹65,000/- ऑनलाइन व शेष धनराशि नकद दी गई। अभियुक्त दानिश खान द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह अपने साथी प्रदीप पुत्र कुंवरपाल निवासी बुलंदशहर के साथ मिलकर पिछले लगभग 02 वर्षों से इस प्रकार की धोखाधड़ी कर रहा है। दोनों ऐसे लोगों को तलाशते हैं जो इलाज का खर्च बचाना चाहते हैं तथा उन्हें फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराकर क्लेम दिलवाते हैं और बदले में धनराशि प्राप्त करते हैं। इस प्रकार के प्रकरण में दोनों पूर्व में थाना फेस-2 नोएडा से जेल भी जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद पुनः इस कार्य में संलिप्त हो गए। अभियुक्त प्रदीप की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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