थाना बिसरख पुलिस द्वारा ऑनलाइन गैमिंग एप/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 अभियुक्त व 05 अभियुक्ता गिरफ्तार, कब्जे से 18 मोबाइल, 04 लैपटॉप, 155 प्रयोग शुदा फर्जी सिम भिन्न-भिन्न कम्पनी, 50 पेमेन्ट क्यू0आर0 कोड़, 45,000 रुपये नगद, 02 कम्प्यूटर मॉनीटर, 04 वाई-फाई माडम, 10 पेज डाटाशीट व 10 कॉलिंग हेडफोन बरामद
सुन्दर लाल शर्मा गौतम बुद्ध नगर

दिनांक 07.01.2026 थाना बिसरख पुलिस द्वारा लोकल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना की सहायता से ऑनलाइन गैमिंग एप/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 अभियुक्त 1-गर्व पुत्र राजकुमार चौहान 2-अजय सिहं पुत्र रामेश्वर सिहं 3- सोनल उर्फ अनिरुद्ध पुत्र राजेंद्र व अभियुक्ता 4-रुचि पुत्री अशोक 5-कोमल पुत्री सुनील सिंह 6-सुषमा पुत्री दिलवर

रावत 7-तनीषा पुत्री विशाल मित्तल 8- सानिया सिंह पुत्री कमल प्रताप को चौथी मंजिल, गौर सिटी सेन्टर निकट चार मूर्ति चौराहा से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तगण के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 04 लैपटॉप, 155 प्रयोगशुदा फर्जी सिम भिन्न-भिन्न कम्पनी, 50 पेमेन्ट क्यू0आर0 कोड, 45,000 रुपये नगद, 02 कम्प्यूटर मॉनीटर, 04 वाई-फाई माडम, 10 पेज डाटाशीट व 10 कॉलिंग हेडफोन बरामद हुए हैं।

अपराध करने का तरीका-
अभियुक्तगण ऑनलाईन गेमिंग खिलवाने का कार्य करते हैं। Mazabook Maze se jeeto एक गेमिंग एप है, जिसमें लोगों को ज्यादा पैसा जीतने का लालच दिया जाता है जिस पर लोग उसमें पैसा लगाते हैं। लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं

जिससे उनका लालच बढ़े और वो अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तब धीरे-धीरे उनका पैसा डूबना शुरू हो जाता है।
पूछताछ का विवरण-
अभियुक्तगण द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि हमारा Mazabook, Maze se jeeto नाम से गेमिंग एप है जिसमें क्रिकेट, कैसीनो, एवियेटर, रोलेट, हरालाल(नंबरिंग गेम) आदि गेम लोगों से खिलवाते हैं और बैंटिग लगवाते है। अभियुक्त अनिरूद्ध, इन सभी को कॉलिंग के लिए डाटा निकालकर देता है। इसके द्वारा ऐसे व्यक्तियों का डाटा दिया जाता है, जिन्होने कभी ऑनलाईन गेम खेले हों या इस तरह के एडवर्टाइज में इंटरेस्ट दिखाया हो। अन्य लोग उन्हें कॉल करते हैं और आनलाईन गेम खेलकर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने का लालच देते हैं। अभियुक्त अनिरुद्ध सिहं ही कॉल करने के लिए फोन, लैपटॉप आदि आदि सामान उपलब्ध करवाता है तथा सिम कार्ड फर्जी आई0डी पर खरीदे जाते हैं।

यह लोगो को बेटिंग करने के लिए प्रेरित करते हैं तथा उन्हे लुभाने के लिए बोनस का लालच देते हैं। शुरू-शुरू में ग्राहक पैसा लगाने में हिचकते हैं तो उन्हें 1500 रुपये तक फ्री में गेम खेलने के लिए देते हैं जिन्हें ग्राहक खातों से निकाल नहीं सकते हैं। जब ग्राहक खेलना शूरू करता है तो शूरू में उसको जितवाते हैं जिससे ग्राहक पैसे लगाने के लिए प्रेरित हो। जब ग्राहक पैसे लगाने के लिये तैयार हो जाता है तो उससे रजिस्ट्रेशन करने के लिए 500 रुपये माँगे जाते हैं। इसके बाद लोगो को झाँसे में लेकर लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं जिससे उनका लालच बढ़े और वो और अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तो हम उन्हें हरवाना शूरू करते हैं क्योंकि गेम में कौन जीतेगा या कौन हारेगा इसका कन्ट्रोल अभियुक्तगण के पास होता है। अगर कोई गलती से जीत भी जाता है और अपनी राशि खाते में ट्राँसफर करने की बात करता है तो यह उसे ब्लाक कर देते हैं तथा पूरा पैसा हड़प कर जाते हैं। कूटरचित KYC दस्तावेज के बारे में पूछने पर बताया कि हम लोग ये कूटरचित KYC अपनी फोटो लगाकर सभी लोगों को दिखाने के लिए तैयार करते है। जिससे कि हमारे द्वारा कॉलिंग के लिए प्रयोग की जा रही सिम को अपने नाम पर जारी किया हुआ दिखा सके और हमें कोई पकड़ न सके। पेमेन्ट क्यू0आर कोड के बारे में पूछा गया तो अभियुक्त अनिरुद्ध द्वारा बताया गया ये क्यू0आर कोड हम लोग पहले से छपवाकर रखते हैं और जब हमें पेमेन्ट लेना होता है तब हम इन्हे एक्टिवेट करवाकर इनमें पैसा मँगा लेते हैं। अभियुक्तों से इण्डियन बैक, सैन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया, बैंक आफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक आदि बैंको के विभिन्न खाता धारक एवं ट्रेडर्स के खातों की डिटेल मिली है। विभिन्न राज्यों के स्थानीय पतो पर रजिस्ट्रड प्री एक्टिवेटिड सिम प्राप्त हुए है।









